गौशालाओं में वृक्षारोपण के नाम पर हुई जमकर धांधली

 गौशालाओं में वृक्षारोपण के नाम पर हुई जमकर धांधली

प्रतिवर्ष लाखों रुपए वृक्षारोपण का दावा करने वाला वन विभाग भी गौशालाओं में पर्याप्त छाया उपलब्ध नहीं करा पा रहा!!
=========
वेदों में गाय को पूजनीय बताया गया है क्योंकि इसमें 33 कोटि यानी 33 प्रकार के देवताओं का वास माना गया है। इन 33 प्रकार के देवताओं में 12 आदित्य, 8 वसु, 11 रूद्र और 2 अश्विन कुमार हैं। इसलिए केवल एक गाय की सेवा-पूजा कर लेने से 33 कोटि देवताओं का पूजन संपन्न हो जाता है।

Agniveer ; केंद्र सरकार करेगी अग्निवीर योजना समाप्त , सैनिक सम्मान योजना के नाम से नई स्कीम की तैयारी, ये नियम संभव !

यही कारण है कि गौ दान भी संसार में सबसे बड़ा दान माना गया है। भवसागर से पार उतरना बताया गया है। गुणों की खान मानी जाने वाली गायों को न केवल राजनीतिक लोगों ने छला है बल्कि गौशालाओ में रखी गई गायों को जिन लोगों को देख-रेख के लिए लगाया गया है ऐसे प्रशासनिक अधिकारी भी ठगने में पीछे नहीं है। जिसका जीता जाता उदाहरण गौशालाए है। इस कड़ी धूप में पर्याप्त छाया न होना,चिल चिल्लाती गर्मी सहन करनी पड़ती है। प्रति वर्ष लाखों पौधों का वृक्षारोपण करने का दावा करने वाला वन विभाग भी गौशालाओं में आज तक पर्याप्त छायादार वृक्ष तैयार नहीं कर सका है।

गौशालाओं में वृक्षारोपण के नाम पर हुई जमकर धांधली

जनपद में करीब 48 गौशालाएं संचालित है। कुछ गौशालाओं को छोड़ दिया जाए तो तमाम गौशालाएं ऐसी है जहां की स्थिति इस कड़ी धूप और चिल चिल्लाती गर्मी में गौवंशों की स्थिति बद से बत्तर देखी जा सकती है। वन विभाग की माने तो प्रतिवर्ष बरसात के मौसम में लाखों पौधों का वृक्षारोपण करने का दावा करता है। फिर भी जो गौशालाएं पिछले कई सालों से जैसी थी वैसे ही नजर आ रही है। जिसके चलते गौशालाओं में रखी गई गौवंशों को पर्याप्त छाया उपलब्ध नहीं हो पा रही।

CHANAKYA के अनुसार जाने कैसे लोग कभी भी धनवान नहीं बन पाते..

यहां तक प्रशासनिक अधिकारी तो उदासीन है ही लेकिन जिनके नाम के सहारे राजनीति करने वाले लोग विधानसभा व लोकसभा की दहलीज पर करते आ रहे हैं यह लोग भी यहां की दुर्दशा को लेकर जान बूझ कर अंजान बने हुए हैं।ऐसा लगता है कि वृक्षारोपण के नाम पर सरकार की आंखों में धूल झोंक कर न केवल लाखों रुपए को इधर से उधर किया गया है। गौशालाओं की दुर्दशा को लेकर ऐसे अधिकारियों को जिम्मेदार ना कहें तो फिर किसे कहें। जिन्होंने वृक्षारोपण के नाम पर जमकर गोलमाल किया।

आखिर क्या है Internet की Dark Reality – 2024

सवाल तो प्रदेश में बैठे भाजपा नेताओं से पूछना चाहिए कि जिनके नाम के सहारे आज देश व प्रदेश में इनकी सरकार है तो फिर गायों की दुर्दशा को लेकर अब तक कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया।

चंद्रिका दीक्षित

चंद्रिका दीक्षित के कार्यक्षेत्र में उनका महत्व और प्रतिभा का चमकता हुआ परिचय है। उनकी प्रतिभा और महत्वकांक्षा से युक्त कथा लिखी और समाज में परिवर्तन लाने की क्षमा उन्हें एक श्रेष्ठ पत्रकार बनाती है। उनका विशेष योगदान सामाजिक न्याय और लोकतंत्र को मजबूत करने में लग रहा है।

Leave a Comment